आयुर्वेद और हमारा जीवन

शरीरमाद्यं खलु धर्मसाधनम्

गुरुवार, 24 मार्च 2016

सत्तर रोगों की एक औषधिः----चुना

!!!---: सत्तर रोगों की एक औषधिः----चुना :---!!!
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किसी को चुना लगाओ मत, बल्कि चुना खाओ ।
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चूना जो आप पान में खाते है वो सत्तर बीमारी ठीक कर देते है ।
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घूटने के दर्द में---
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चूना घुटने का दर्द ठीक करता है । कमर का दर्द ठीक करता है । कंधे का दर्द ठीक करता है । एक खतरनाक बीमारी है Spondylitis वो चुने से ठीक होता है । कई बार हमारी रीड़ की हड्डी में जो मनके होते है उसमे दूरी बढ जाती है Gap आ जाता है । ये चूना ही ठीक करता है । रीड़ की हड्डी की सब बीमारियाँ चुने से ठीक होता है । अगर आपकी हड्डी टूट जाये तो टूटी हुई हड्डी को जोड़ने की ताकत सबसे जादा चुने में है । चूना खाइए सुबह को खाली पेट । आप पान के साथ (सादा पान) चुना रोज खाना खाने के बाद दोपहर या सुबह खा सकते हैं ।

पान खाने की विधिः---
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भारत के जो लोग चुने से पान खाते है वे बहुत होशियार लोग है । पर तम्बाकू नही खाना, तम्बाकू ज़हर है और चूना अमृत है । तो चूना खाइए तम्बाकू मत खाइए और पान खाइए चुने का उसमे कत्था मत लगाइए । कत्था कैंसर करता है । पान में सुपारी मत डालिए सोंठ डालिए उसमे । इलाइची डालिए , लौग डालिए. केशर डालिए । ये सब डालिए पान में चूना लगाके पर तम्बाकू नही , सुपारी नही और कत्था नही ।

पीलिया के रोग में---
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अगर किसी को पीलिया (जॉडिस) हो जाये तो उसकी सबसे अच्छी दवा हैः-- चूना । गेहूँ के दाने के बराबर चूना गन्ने के रस में मिलाकर पिलाने से बहुत जल्दी पीलिया ठीक कर देता है ।

खून की कमी होने पर
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शरीर में जब खून कम हो जाये तो चूना जरुर लेना चाहिए , एनीमिया है खून की कमी है । उसकी सबसे अच्छी दवा है ये चूना । चूना पीते रहो गन्ने के रस में , या संतरे के रस में नही तो सबसे अच्छा है अनार के रस में । अनार के रस में चूना पिए खून बहुत बढता है , बहुत जल्दी खून बनता है – एक कप अनार का रस गेहूँ के दाने के बराबर चूना सुबह खाली पेट लें ।

नपुंसकता में----
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नपुंसकता की सबसे अच्छी दवा है –चूना । अगर किसी के शुक्राणु नही बनता ।उसको अगर गन्ने के रस के साथ चूना पिलाया जाये तो साल डेढ साल में भरपूर शुक्राणु बन्ने लगेंगे ।

और जिन माताओं के शरीर में अण्डे नही बनते उनकी बहुत अच्छी दवा है ये चूना ।

लम्बाई और स्मरण-शक्ति बढाने के लिए---
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विद्यार्थियों के लिए चूना बहुत अच्छी है जो लम्बाई बढाती है । गेहूँ के दाने के बराबर चूना रोज दही में मिलाकर खाना चाहिए । दही नही है तो दाल में मिलाकर खाओ, दाल नही है तो पानी में मिलाकर पियो । इससे लम्बाई बढने के साथ साथ स्मरण शक्ति भी बहुत अच्छी होती है । जिन बच्चों की बुद्धि कम काम करती है । मतिमंद बच्चे उनकी सबसे अच्छी दवा हैः-- चूना । जो बच्चे बुद्धि से कम है, दिमाग देर में काम करता है, देर से सोचते है । हर चीज उनकी स्लो है उन सभी बच्चे को चूना खिलाने से अच्छे हो जायेंगे ।

मासिक-धर्म में---
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बहनों को अपने मासिक धर्म के समय अगर कुछ भी तकलीफ होती हो तो उसकी सबसे अच्छी दवा हैः-- चूना । हमारे घर में जो माताएँ है जिनकी उम्र पचास वर्ष हो गयी और उनका मासिक धर्म बंद हुआ । उनकी सबसे अच्छी दवा है चूना । गेहूँ के दाने के बराबर चूना हर दिन खाना दाल में, लस्सी में, नही तो पानी में घोल के पीना ।

गर्भवती माँ
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जब कोई माँ गर्भावस्था में है तो चूना रोज खाना चाहिए , क्योंकि गर्भवती माँ को सबसे ज्यादा कैल्सियम की जरुरत होती है और चूना कैल्सियम का सबसे बड़ा भंडार है । गर्भवती माँ को चूना खिलाना चाहिए अनार के रस में । अनार का रस एक कप और चूना गेहूँ के दाने के बराबर ये मिलाकर रोज पिलाइए । नौ महीने तक लगातार दीजिये तो चार फाईदे होंगे –

लाभः----(1.) पहला फाईदा होगा कि माँ को बच्चे के जन्म के समय कोई तकलीफ नही होगी और नोर्मल डिलीवरी होगी ।
(2.) दूसरा बच्चा जो पैदा होगा वो बहुत हृष्ट पुष्ट और तंदुरुस्त होगा ।
(3.) तीसरा फ़ायदा वो बच्चा जिन्दगी में जल्दी बीमार नही पड़ता, जिसकी माँ ने चूना खाया ।
(4.) चौथा सबसे बड़ा लाभ है वो बच्चा बहुत होशियार होता है बहुत Intelligent और Brilliant होता है उसका IQ बहुत अच्छा होता है ।

मुँह के छाले----
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अगर मुह में ठंडा गरम पानी लगता है तो चूना खाओ बिलकुल ठीक हो जाता है । मुँह में अगर छाले हो गए है तो चुने का पानी पियो, तुरन्त ठीक हो जाता है ।

हड्डी के लिएः----
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अगर आपके घुटने में घिसाव आ गया और डॉक्टर कहे के घुटना बदल दो तो भी जरुरत नही । चूना खाते रहिये और हाड़सिंगार के पत्ते का काड़ा खाइए । घुटने बहुत अच्छे काम करेंगे ।

राजीव भाई कहते है चूना खाइए पर चूना लगाइए मत किसको भी ..ये चूना लगाने के लिए नही है खाने के लिए है ; आजकल हमारे देश में चूना लगाने वाले बहुत है पर ये भगवान ने खाने के लिए दिया है ।



परहेजः----पत्थरी के रोगी चुने का प्रयोग न करें ।

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